Big NewsDehradun

अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच ने CBI जांच की घोषणा को बताया अस्पष्ट, कहा जारी रहेगा आंदोलन, रखी ये मांगें

अंकिता भंडारी हत्याकांड में पारदर्शिता, जवाबदेही और न्याय की सुनिश्चितता को लेकर अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच ने सीएम धामी की CBI जांच की सिफारिश की घोषणा को अस्पष्ट बताया है।

CBI जांच की घोषणा को बताया अस्पष्ट

अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस की। मंच का कहना है कि हाल ही में राज्य सरकार द्वारा CBI जांच की घोषणा की गई है, परंतु यह घोषणा बिल्कुल अस्पष्ट है। मंच का कहना है कि सीएम धामी की घोषणा से तो यही लगता है कि सरकार के द्वारा जो निर्णय लिया गया है वह अंकिता के माता-पिता की और आंदोलित उत्तराखंड की जनता की मांगों के आधार पर नहीं लिया गया है।

मंच ने सरकार के सामने रखी ये मांगें

मंच ने कहा कि यह घोषणा अस्पष्ट और भ्रमित करने वाली लगती है, क्योंकि इसमें वे मांगें शामिल नहीं हैं जो वे पिछले तीन सालों से लगातार कर रहे हैं। मंच की प्रमुख मांग है कि CBI जांच को हाईकोर्ट की निगरानी में किया जाए। साथ ही जांच के बिंदु स्पष्ट रूप से सार्वजानिक किए जाएं। साथ ही सभी तथ्यों को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सामने लाया जाए और उन VIPs को जिनकी वज़ह से यह हत्याकांड हुआ है उन्हें कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए।

अंकिता को न्याय दिलाने के लिए जारी रहेगा आंदोलन

मंच ने कहा कि जब तक इन मांगों पर स्पष्ट और आधिकारिक रूप से निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। मंच का कहना है कि 10 जनवरी को देहरादून में मशाल जुलूस आयोजित किया जाएगा। वहीं 11 जनवरी को उत्तराखंड बंद का आह्वान किया गया है।

Sakshi Chhamalwan

Sakshi Chhamalwan उत्तराखंड में डिजिटल मीडिया से जुड़ीं युवा पत्रकार हैं। साक्षी टीवी मीडिया का भी अनुभव रखती हैं। मौजूदा वक्त में साक्षी खबरउत्तराखंड.कॉम के साथ जुड़ी हैं। साक्षी उत्तराखंड की राजनीतिक हलचल के साथ साथ, देश, दुनिया, और धर्म जैसी बीट पर काम करती हैं।
Back to top button