
हल्द्वानी से एक बड़ी घटना सामने आई है। उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर के एक शख्स ने काठगोदाम थाना क्षेत्र के एक होटल में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मृतक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नैनीताल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वीडियो में मृतक ने उधम सिंह नगर के SSP और कई प्रॉपर्टी डीलरों पर करोड़ों रुपए के ज़मीन घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया है।
किसान ने होटल में खुद को मारी गोली
हल्द्वानी के गौलापार में एक होटल में सुखवंत सिंह (40) ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है। आत्महत्या करने से पहले सुखवंत सिंह ने एक फेसबुक वीडियो में ऊधम सिंह नगर के SSP मणिकांत मिश्रा समेत पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। वीडियो में सुखवंत ने कहा कि पुलिस उसे पैसे के लिए परेशान कर रही थी और दबाव डाल रही थी, जिससे वह मानसिक रूप से बहुत परेशान हो गया था।
मानसिक तनाव में था सुखवंत: पिता
सुखवंत सिंह के पिता ने बताया कि काशीपुर इलाके में लगभग 4 करोड़ रुपए के ज़मीन के कथित फ्रॉड के बाद उनका बेटा लंबे समय से मानसिक तनाव से गुज़र रहा था। आरोप है कि प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा धोखा दिए जाने और पुलिस के दबाव के कारण उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।
पत्नी और बच्चों के साथ होटल में ठहरा था सुखवंत
जानकारी के अनुसार, सुखवंत सिंह अपनी पत्नी और बच्चे के साथ गौलापार के एक होटल में रुका हुआ था। देर रात अचानक उसकी पत्नी को चोट लगी और वह चिल्लाने लगी। इस हंगामे के दौरान, वह और उसका बेटा कमरे से भाग गए। इसके बाद, सुखवंत ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मामले की जांच में जुटी नैनीताल पुलिस
मामले को लेकर एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पत्नी और बेटे के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। मृतक ने अपनी पत्नी के लिए एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है, जिसमें उसने ऊधम सिंह नगर के SSP, पुलिस टीम और प्रॉपर्टी डीलरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मौत से पहले का वीडियो हो रहा वायरल
मृतक ने एक वीडियो मैसेज में अनुरोध किया है कि उसकी मौत की CBI जांच की जाए और दोषियों को कड़ी सज़ा दी जाए। मृतक की मौत से पहले रिकॉर्ड किया गया एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, और उसकी भी जांच की जा रही है। परिवार वालों की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
शक के घेरे में उधम सिंह नगर पुलिस
बहरहाल इस मामले के सामने आने के बाद, उधम सिंह नगर पुलिस भी सवालों के घेरे में आ गई है, क्योंकि यह सवाल उठ रहे हैं कि करोड़ों के फ्रॉड के बाद पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय, पीड़ित पर ही दबाव क्यों डाला, जिसकी वजह से आखिरकार उसने आत्महत्या जैसा इतना बड़ा कदम उठाया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि सुखवंत सिंह की मौत का असली ज़िम्मेदार कौन है?