
ऊधमसिंह नगर के काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या और आत्महत्या से पहले मृतक का बनाया गया वीडियो पुलिस की साख पर सवाल खड़े कर रहा है। इस घटना के सामने आने के बाद से प्रदेश में बवाल मचा हुआ है। सवालों के घेरों में कोई और नहीं बल्कि वो अफसर है जिन पर आम जनता की सुरक्षा का जिम्मा है।
उधमसिंह नगर पुलिस की साख पर उठ रहे सवाल
दरअसल रविवार सुबह हल्द्वानी से आई घटना ने सबको चौंका दिया। यहां काठगोदाम थाना क्षेत्र के एक होटल में काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले मृतक ने एक भावुक वीडियो बनाया। जिसमें कई प्रॉपर्टी डीलर्स पर चार करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप लगाया। पीड़ित ने वीडियो में बताया इसे लेकर वह थाना आईटीआई, पैगा चौकी पर शिकायत करने गया। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो उसने ऊधमसिंह नगर SSP कार्यालय का रुख किया। लेकिन यहां भी उम्मीदों पर पानी फिर गया।
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पुलिस का मुंह 30 लाख रुपए देकर बंद करवाने का आरोप
किसान सुखवंत सिंह को पुलिस ने मानसिक रूप से परेशान कर घंटों थाने में बैठाया। यही नहीं पुलिस ने उसके साथ बुरा बर्ताव भी किया। थाने, चौकी, एसएसपी दफ्तर के कई चक्कर लगाने के बाद जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो किसान ने ये खौफनाक कदम उठा लिया। पीड़ित ने मरने से पहले बनाए वीडियो में इस बात की भी खुलासा किया कि इस केस को दबाने के लिए पुलिस का मुंह 30 लाख रुपए देकर बंद करवाया गया है। आपने आखिरी अल्फाजों, लड़खड़ाती अवाज़ में सुखवंत सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम को बयां किया। जिसमें वो कहता दिखा रहा है कि आखिर किस मज़बूरी में उसने अपनी जान दी है। सोमवार सुबह सुखवंत सिंह का अंतिम संस्कार उनके गांव में कर दिया गया है।
सीएम ने दिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
मामले के गरमाने के बाद सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसका संज्ञान लिया है। साथ ही मजिस्ट्रेट जांच के भी आदेश दिए हैं। अब इस प्रकरण की जांच कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत करेंगे। सीएम ने साफ़ किया है कि दोषी चाहे जो भी हो उसके बक्शा नहीं जाएगा।
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ऊधमसिंह नगर SSP ने लिया बड़ा एक्शन
वहीं अब मामले के तूल पकड़ने के बाद ऊधमसिंह नगर एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बड़ी कार्रवाई की है। SSP ने ITI थाना अध्यक्ष और उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया है। साथ ही कई को लाइन हाज़िर किया गया। इस कार्रवाई के बाद भी मित्र पुलिस की कार्यशैली पर कई सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि पुलिस की हीलाहवाली के चलते एक शख्स की जान चली गई है। किसान का आखिरी वीडियो लोगों के रौंगटे खड़े कर रहा है। सवाल कई उठ रहे हैं कि क्या उत्तराखंड पुलिस कानून व्यवस्था छोड़कर जमीनों के धंधे में लगी हुई है या प्रदेश में भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी मजबूत हो गई है कि आम इंसान के लिए न्याय पाना अब मुश्किल हो गया है।
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