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मचने वाली है तबाही!, 50 साल बाद Nuclear War के लिए बना Doomsday Plane पहुंचा वाशिंगटन

US Doomsday Plane Spotted After 51 Years: दुनियाभर में राजनीतिक उथल-पुथल चल रही है। इसी बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने सबको हैरान कर दिया। दरअसल अमेरिकी वायुसेना का सबसे सीक्रेट विमान बोइंग E-4B नाइटवॉच(Air Force Secret Plane) जिसे डूम्सडे प्लेन भी कहा जाता है वो अब बाहर आ गया है। 50 साल बाद इसे हाल ही में वॉशिंगटन डीसी के करीब मैरीलैंड में देखा गया है। हैरान कर देने वाला ये इसलिएभी है क्योंकि बहुत कम इसे सार्वजनिक रुप से देखा गया है।

मचने वाली है तबाही!, 50 साल बाद Nuclear War के लिए बना Doomsday Plane पहुंचा वाशिंगटन

खबरों की माने तो डूम्सडे प्लेन को अपने पुराने बेस नेब्रास्का से उड़ान भरकर वॉशिंगटन डीसी के बेहद करीब देखा गया। हालांकि अभी तो किसी भी प्रकार की ऑफिशियल आपातकाल स्थिति की घोषणा नहीं की गई है। लेकिन इसका बाहर आना ही एक बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

ये हलचल इसलिए भी तेज हो रही है क्योंकि अभी हाल ही में अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला कर उसके राष्ट्रपति को बंधक बनाया। साथ ही रूस के जहास को भी जब्त कर वैश्विक तनाव बढ़ाया। इसके अलावा ईरान से भी अमेरिका के संबंध गडबडाए नजर आ रहे है। इसे ईरान पर बड़े हमले की तैयारी के तौर पर भी देखा जा रहा है।

क्यों कहा जाता है इसे ‘डूम्सडे प्लेन’? What is Doomsday Plane?

आपको बता दें कि डूम्सडे प्लेन(‘प्रलय का विमान’) या फिर E-4B नाइटवॉच कोई साधारण प्लेन नहीं है। इसे खास तौर पर Nuclear War के लिए डिजाइन किया गया है। ये परमाणु युद्ध या किसी बड़े राष्ट्रीय संकट के समय सरकार और सेना की कमान संभालने के काम के लिेए तैयार किया गया है।

अगर अमेरिका का लैंड पर मौजूद पेंटागन या अन्य कमांड सेंटर नष्ट होता है तो ये प्लेन ‘नेशनल एयरबोर्न ऑपरेशंस सेंटर’ के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। इसी से राष्ट्रपति और रक्षा मंत्री मिसाइल सिस्टम और पनडुब्बियों को निर्देश दे सकेंगे।

Nuclear हमले से भी सुरक्षा

इसे कुछ इस तरह से डिजाइन किया गया है कि परमाणु विस्फोट के बाद भी उससे निकलने वाली रेडिएशन और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स (EMP) का इसपर कोई असर नहीं होगा। किसी भी हालात में इसका इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम काम करना बंद नहीं करेगा। ये विमान बिना रुके करीब 12 घंटे तक उड़ान भर सकता है। E-4B में 112 लोगों बैठ सकते है। ब्रीफिंग रूम, बैटल स्टाफ के लिए अलग कक्ष और रक्षा मंत्री के लिए निजी केबिन आदि फैसिलिटी मौजूद हैं।

E-4B का कितना है खर्च?

सभी सुविधाओं से लेस E-4B को उड़ाना कोई मामलू बात नहीं है। इसको उड़ाने-उड़ाने का खर्च प्रति घंटे के हिसाब से करीब 1.6 लाख डॉलर यानी 1.4 करोड़ रुपये है। 223 मिलियन डॉलर के अधिक खर्च कर इसे बनाया गया है।

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